अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ASME) द्वारा करवाई जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस और प्रदर्शनी (IMECE) पहली बार भारत में 10 सितंबर, 2025 को हैदराबाद में शुरू होगी।
आंध्र प्रदेश सरकार के लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम मंत्री श्री कोंडापल्ली श्रीनिवास आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे और 12 सितंबर को सुबह 10:30 बजे पूर्ण सत्र में उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम 10 सितंबर से 13 सितंबर तक हैदराबाद अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (HICC) में आयोजित किया जाएगा। दुनिया भर के प्रमुख इनोवेटर, अकादमिक एक्सपर्ट, उद्योग जगत के अगुआ और सरकारी नेताओं को एक साथ लाकर, कांग्रेस समिति ने इंजीनियरिंग में अंतःविषय सहयोग, ज्ञान विनिमय और विचार नेतृत्व के लिए प्रमुख मंच के रूप में ASME IMECE की स्थिति की पुष्टि की है।
अमेरिकन सोसायटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (एएसएमई) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस और प्रदर्शनी (आईएमईसीई) के पहले भारतीय संस्करण के लिए दुनिया भर से लगभग 1,500 प्रमुख इनोवेटर, अकादमिक एक्सपर्ट, उद्योग अग्रणी और सरकारी नेता शीघ्र ही हैदराबाद में इक्ट्ठे होंगे।
मुख्य वक्ता के रूप में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त लीडर सम्मिलित होंगे जैसे कि भारत फोर्ज समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. बाबासाहेब कल्याणी, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, भारत फोर्ज ग्रुप, श्री टॉम कोस्टाबिले, एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ, एएसएमई, डॉ. लेस्टर के. सू, प्रेसीडेंट, एएसएमई (2025–2026), डॉ. कलैसेल्वी एन., डायरेक्टर जनरल, सीएसआईआर एंड सेक्रेटरी, डीएसआईआर, और श्री पवन कुमार चंदना, फाउंडर ऑफ स्कायरूट एयरोस्पेस.
उनके साथ वक्ताओं का एक प्रतिष्ठित समूह शामिल होगा जिसमें सुश्री सुसान इप्री-ब्राउन, इमीडियेट पास्ट प्रेसीडेंट ऑफ एएसएमई, डॉ. योगी गोस्वामी, प्रोफेसर एट द यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा, डॉ. जितेंद्र शर्मा, एमडी एंड सीईओ ऑफ एएमटीजेड, श्री शिवकुमार कल्याणरमन, सीईओ ऑफ एएनआरएफ, डॉ. कनकसबपति सुब्रमण्यन, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एट अशोक लेलैंड लिमिटेड एंड कॉन्ग्रेस चेयर ऑफ आईएमईसीई इंडिया 2025, डॉ. महांतेश हिरेमठ, फॉर्मर एएसएमई प्रेसीडेंट, सुश्री स्टेफनी वियोला, मैनेजिंग डायरेक्टर ऑफ द एएसएमई फाउंडेशन, श्री सौमेंद्र बनर्जी, डायरेक्टर ऑफ हनीवेल यूओपी इंडिया, डॉ. जोसलीन गौडिन, वाइस प्रेसीडेंट एंड हेड ऑफ इंजीनियरिंग एट एयरबस इंडिया, डॉ. एन. सरवनन, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, अशोक लेलैंड लिमिटेड, डॉ. अंशुमान अवस्थी, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, मर्सिडीज़ बेंज आरएंडडी इंडिया, डॉ. प्रदीप सलपक्कम, हेड ऑफ इंडस्ट्री सॉल्यूशंस एंड कस्टमर इम्पैक्ट एट आर्टिकुलेट, सहित कई अन्य लोग सम्मिलित हैं।
IMECE इंडिया 2025 में इंजीनियरिंग परिदृश्य से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी विषयों पर पैनल चर्चाओं की एक गतिशील श्रृंखला चलेगी। प्रमुख विषयों में शामिल हैं
तीव्र प्रौद्योगिकी विकास और परिनियोजन के लिए मज़बूत और सक्षम संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से अनुसंधान को आगे बढ़ाना और हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना पर विशेष ज़ोर देते हुए नई ऊर्जा को बढ़ावा देना।
अन्य पैनल चर्चाएं उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम सुधारों पर की जाएंगी, जैसे कि AI और मशीन लर्निंग का एकीकरण, अंतःविषय और परियोजना-आधारित शिक्षा, स्टार्टअप्स के लिए नवाचार और उत्पादम् विकास, स्थिरता और हरित इंजीनियरिंग, मेक इन इंडिया पहल और लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रमों के समक्ष आने वाली वर्कफोर्स और प्रौद्योगिकी अपनाने की चुनौतियों से निपटने की रणनीतियाँ।
कांग्रेस में "टर्निंग द गियर्स: मैकेनिकल इंजीनियरिंग के भविष्य को आकार देती महिलाएं" शीर्षक से एक महत्वपूर्ण सेशन का आयोजन होगा, जो इस पेशे में नेतृत्व और लैंगिक समानता पर प्रकाश डालेगा।
पूर्ण सत्रों और पैनल चर्चाओं के पूरक के रूप में, विशेषज्ञों द्वारा संचालित मास्टरक्लास की एक श्रृंखला होगी, जिनमें औद्योगिक विकास और नवीनता के लिए व्यावहारिक और नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय सत्रों में डॉ. कलैसेल्वी एन., डायरेक्टर जनरल ऑफ सीएसआईआर. द्वारा "प्रौद्योगिकी अपनाना और सरकारी सहायता"; श्री संजय कुमार, आईएएस, स्पेशल चीफ सेक्रेटरी, इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा "तेलंगाना - उद्योग की मंज़िल"; डॉ. किशोर शेट्टी, एसोसिएट टेक्निकल फेलो एट बोइंग इंडिया द्वारा "एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई" शामिल हैं। इन सत्रों के माध्यम से व्यवसायों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को भारत के विकसित होते इंजीनियरिंग ईको सिस्टम के बारे बताने और अमल में लाने योग्य रणनीतियाँ व क्षेत्र अनुसार दृष्टिकोण प्रदान किया जाएगा।
मधुकर शर्मा, प्रेसीडेंट एंड डायरेक्टर, एएसएमई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कहा, “आईएमईसीई इंडिया एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह 145 वर्षों की एएसएमई उत्कृष्टता के कारण संभव हुआ है। आईएमईसीई को भारत में लाकर, एएसएमई ने यांत्रिक और संबद्ध इंजीनियरिंग की कला, विज्ञान और अभ्यास को सुध्रन करने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है। 11 इंजीनियरिंग क्षेत्रों में 650 से अधिक गहनता से समीक्षा किए गए शोधपत्र 11-13 सितंबर को एचआईसीसी, हैदराबाद में प्रस्तुत किए जाएँगे। यह 30 वर्षों में एएसएमई आईएमईसीई में भारतीय विद्वानों की अब तक की सबसे अधिक भागीदारी को दर्शाता है, जो केवल इसलिए संभव हुआ है क्योंकि आईएमईसीई भारत में हो रहा है।”