
ए.एस.एम.ई फाउंडेशन इंडिया (AFI) के राष्ट्रीय इंजीनियरिंग फेस्टिवल, ईएफएक्स इंडिया 2026 का समापन जयपुर में हो गया। तीन दिन चले इस आयोजन में गहन लर्निंग, इनोवेशन और सहयोग देखने को मिला। इस ईवेंट में हैंड्स-ऑन लर्निंग और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए केरल, ओडिशा, दिल्ली, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश सहित 19 राज्यों से इंजीनियरिंग के 700+ स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।
ईएफएक्स इंडिया 2026 का उद्देश्य इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को हैंड्स-ऑन लर्निंग और उद्योग की चुनौतियों के अनुरूप इंटरडिसिप्लिनरी कौशल प्रदान करना तथा वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए तैयार करना था। इवेंट में स्टूडेंट्स, शिक्षाविदों और उद्योग के प्रोफेशनल्स को संवाद करने का अवसर मिला तथा इंजीनियरिंग के परिवेश की बदलती जरूरतें सामने आयीं।
इस इवेंट में विकसित होती हुई टेक्नोलॉजी और व्यवहारिक प्रयोग के सत्रों एवं चुनौतियों के माध्यम से इंटरडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया। “रोबोटिक्स इन द एज ऑफ़ ए.आई: मूविंग फ्रॉम ऑटोमेशन टू ऑटोनॉमी” वर्कशॉप रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर केंद्रित थी। इसने सितंबर 2026 में चेन्नई में आयोजित होने वाले ए.एस.एम.ई इंडिया के नेशनल कॉन्फ्रेंस, इंटरनेशनल मैकेनिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस एंड एक्सपोज़िशन® (IMECE इंडिया 2026) की भूमिका तैयार की।
इस पहल के बारे में ए.एस.एम.ई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर, श्री मधुकर शर्मा ने कहा, “भारत को अगर सर्विस इकोनॉमी से एक ग्लोबल ‘प्रोडक्ट नेशन’ बनना है, तो हमें ‘मेक इन इंडिया’ से आगे सोचकर ‘डिजाइन इन इंडिया’ की ओर बढ़ना होगा। ए.एस.एम.ई ईएफएक्स इंडिया 2026 इस बदलाव को शुरू करता है। ए.एस.एम.ई इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को समर्थ बना रहा है, जो सस्टेनेबल मोबिलिटी से लेकर ऑटोनॉमस सिस्टम तक मल्टीडिसिप्लिनरी स्किल्स और इनोवेशन के साथ वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की सोच रखते हैं।”
ए.एस.एम.ई फाउंडेशन इंडिया की डिप्टी डायरेक्टर, सुश्री अवनी मल्होत्रा ने कहा, “असली इनोवेशन के लिए सोच और विचारों में विविधता रखना जरूरी है। ए.एस.एम.ई फाउंडेशन इंडिया हर स्टूडेंट की इस क्षमता का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘गियर अप एफ.ई.एम.ई’ साबित करता है कि महिलाएं डिज़ाइन इंजीनियरिंग में सबसे आगे रहने की हकदार हैं।”
ईएफएक्स इंडिया 2026 में विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों के अच्छे प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। इन प्रतियोगिताओं में अलग-अलग संस्थान विजेता बनकर उभरे। फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (केरल), KLS गोगटे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कर्नाटक), सर एम. विश्वेश्वरैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कर्नाटक), मार एथेनेसियस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (केरल) और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (दिल्ली) जैसे कॉलेजों ने मजबूत टेक्निकल विशेषज्ञता, इनोवेशन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया और एक से अधिक प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की। उनकी उपलब्धियों से इवेंट में इंजीनियरिंग प्रतिभा की गहराई और प्रतियोगिता की भावना उजागर हुई।
इस ईवेंट के मुख्य आकर्षणों में से एक ‘‘गियर अप एफ.ई.एम.ई - व्हेयर हर आईडियाज़ टेक शेप’’ था। यह केवल महिलाओं के लिए पेश किया गया इंजीनियरिंग का एक चैलेंज था, जिसका नेतृत्व ए.एस.एम.ई वीमेन इन इंजीनियरिंग ने किया। इस सत्र में चार घंटे का कैड और सिमुलेशन चैलेंज था, जिसमें निर्धारित समय-सीमा में प्रतिभागियों की रचनात्मकता, सटीकता और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स का परीक्षण किया गया।
ईएफएक्स इंडिया 2026 में आईआईटी रोपर, बोईंग, गिसेक एंड डेव्रिएंट और सीमंस एनर्जी इंडिया जैसे संस्थानों व संगठनों से शिक्षाविदों और औद्योगिक प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया, जिससे शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा मिला।
ईएफएक्स इंडिया 2026 के ऑफिशियल स्पॉन्सर गेल और द वेल्डिंग इंस्टीट्यूट (TWI) इंडिया थे, जिससे स्टूडेंट्स को उद्योग के साथ संपर्क स्थापित करने और प्रायोगिक अनुभव बढ़ाने का मौका मिला।
गेल (इंडिया) लिमिटेड, जयपुर के चीफ़ जनरल मैनेजर, श्री संजय चौहान ने कहा कि, “मैं ई.एफ.एक्स इंडिया 2026 में सहयोग देने के इस अवसर का स्वागत करता हूँ। यहाँ पर भारत के सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियर्स ने ई-ह्यूमन-पॉवर्ड व्हीकल चैलेंज जैसी हैंड्स-ऑन प्रतियोगिताओं के माध्यम से सस्टेनेबल एनर्जी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। केवल महिलाओं के लिए कैड चैलेंज, गियर अप एफ.ई.एम.ई द्वारा डिज़ाइन, एनालिसिस और इनोवेशन स्किल्स में सुधार हुआ। विविधता और सस्टेनेबल भविष्य की ओर हमारे प्रयास का बढ़ावा मिला। ए.एस.एम.ईप्रतियोगिताओं के माध्यम से मल्टीडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग के साथ रियल-वर्ल्ड प्रोटोटाइप के विकास को बढ़ावा मिलता है, जिससे टीम वर्क, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन स्किल्स का विकास होता है। आज के नियोक्ता इन्हीं कौशलों की मांग करते हैं।”
ईएफएक्स इंडिया 2026 का समापन टेक्निकल लर्निंग, इंटरडिसिप्लिनरी कौशल और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने का कौशल प्रदान करके भविष्य के इंजीनियरों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ हुआ, ताकि इंजीनियरिंग डिज़ाइन और इनोवेशन के वैश्विक केन्द्र के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत बनाया जा सके।
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