
ए.एस.एम.ई फाउंडेशन इंडिया (AFI) द्वारा अपने फ्लैगशिप इंजीनियरिंग फेस्टिवल, ईएफएक्स इंडिया 2026 का आयोजन जयपुर में किया गया। 16 जनवरी से 18 जनवरी तक चले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में इनोवेशन, हैंड्स-ऑन लर्निंग और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए इंजीनियरिंग के 700+ स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।
इस ईवेंट में केरल, ओडिशा, दिल्ली, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश सहित 19 राज्यों के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। ईएफएक्स इंडिया 2026 का उद्देश्य इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को हैंड्स-ऑन वर्कशॉप के माध्यम से उद्योग की चुनौतियों और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए तैयार करना तथा इंजीनियरिंग के परिवेश में बदलती जरूरतों के अनुरूप इंटरडिसिप्लिनरी कौशल प्रदान करना है।
इस इवेंट की मुख्य आकर्षणों में से एक थी, “रोबोटिक्स इन द एज ऑफ़ ए.आई: मूविंग फ्रॉम ऑटोमेशन टू ऑटोनॉमी” वर्कशॉप, जिसमें इंटरडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग पर अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ए.एस.एम.ई) का फोकस प्रदर्शित हुआ। इस सत्र में रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसने सितंबर 2026 में चेन्नई में आयोजित होने वाले ए.एस.एम.ई इंडिया के नेशनल कॉन्फ्रेंस, इंटरनेशनल मैकेनिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस एंड एक्सपोज़िशन® (IMECE इंडिया 2026) की भूमिका तैयार की।
इस पहल के बारे में ए.एस.एम.ई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर, श्री मधुकर शर्मा ने कहा, “भारत को अगर सर्विस इकोनॉमी से एक ग्लोबल ‘प्रोडक्ट नेशन’ बनना है, तो हमें ‘मेक इन इंडिया’ से आगे सोचकर ‘डिजाइन इन इंडिया’ की ओर बढ़ना होगा। ए.एस.एम.ई ईएफएक्स इंडिया 2026 इस बदलाव को शुरू करता है। ए.एस.एम.ई इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को समर्थ बना रहा है, जो सस्टेनेबल मोबिलिटी से लेकर ऑटोनॉमस सिस्टम तक मल्टीडिसिप्लिनरी स्किल्स और इनोवेशन के साथ वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की सोच रखते हैं।”
एल.एन.एम.आई.आई.टी जयपुर के डायरेक्टर डॉ. राहुल बनर्जी ने कहा, “ए.एस.एम.ई का एक मजबूत इतिहास है। हमने अपनी टेक्निकल पेशकशों के माध्यम से इंजीनियरों को बढ़ावा दिया है, और लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है। ई.एफ.एक्स इंडिया का विकास रचनात्मकता और इनोवेशन बढ़ाने के लिए किया गया है। मैं कामना करता हूँ कि इस फेस्टिवल में मौजूद सभी स्टूडेंट्स को बेहतरीन अनुभव प्राप्त हो और वो हर चीज का अवलोकन करें। समस्या का समाधान उसके अवलोकन से शुरू होता है। यह फेस्टिवल स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग के करियर में आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है।”
इस इवेंट में ‘‘गियर अप एफ.ई.एम.ई - व्हेयर आईडियाज़ टेक शेप’’ के माध्यम से इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह महिलाओं के लिए इंजीनियरिंग का एक चैलेंज है, जिसका नेतृत्व ए.एस.एम.ई वीमेन इन इंजीनियरिंग ने किया। इस सत्र में चार घंटे का कैड और सिमुलेशन चैलेंज था, जो निर्धारित समय-सीमा में रचनात्मकता, सटीकता और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
ए.एस.एम.ई फाउंडेशन इंडिया की डिप्टी डायरेक्टर, सुश्री अवनी मल्होत्रा ने कहा, “असली इनोवेशन के लिए सोच और विचारों में विविधता रखना जरूरी है। ए.एस.एम.ई फाउंडेशन इंडिया हर स्टूडेंट की इस क्षमता का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘गियर अप एफ.ई.एम.ई’ साबित करता है कि महिलाएं डिज़ाइन इंजीनियरिंग में सबसे आगे रहने की हकदार हैं।”
ईएफएक्स इंडिया इंडिया 2026 में वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने पर फोकस के साथ चैलेंज पेश किए गए, जिनमें सस्टेनेबल एनर्जी और मोबिलिटी समाधान शामिल थे। इवेंट के ऑफिशियल स्पॉन्सर, गेल (इंडिया) लिमिटेड ने हैंड्स-ऑन इंजीनियरिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्टूडेंट्स के इनोवेशन को बढ़ावा दिया।
गेल (इंडिया) लिमिटेड, जयपुर के चीफ़ जनरल मैनेजर, श्री संजय चौहान ने कहा कि, “मैं ई.एफ.एक्स इंडिया 2026 में सहयोग देने के इस अवसर का स्वागत करता हूँ। यहाँ पर भारत के सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियर्स ने ई-ह्यूमन-पॉवर्ड व्हीकल चैलेंज जैसी हैंड्स-ऑन प्रतियोगिताओं के माध्यम से सस्टेनेबल एनर्जी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। केवल महिलाओं के लिए कैड चैलेंज, गियर अप एफ.ई.एम.ई द्वारा डिज़ाइन, एनालिसिस और इनोवेशन स्किल्स में सुधार हुआ। विविधता और सस्टेनेबल भविष्य की ओर हमारे प्रयास का बढ़ावा मिला। ए.एस.एम.ईप्रतियोगिताओं के माध्यम से मल्टीडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग के साथ रियल-वर्ल्ड प्रोटोटाइप के विकास को बढ़ावा मिलता है, जिससे टीम वर्क, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन स्किल्स का विकास होता है। आज के नियोक्ता इन्हीं कौशलों की मांग करते हैं।”
ईएफएक्स इंडिया 2026 में आईआईटी रोपर, बोईंग, गिसेक एंड डेव्रिएंट और सीमंस एनर्जी इंडिया जैसे संस्थानों व संगठनों से शिक्षाविदों और औद्योगिक प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया, जहाँ शिक्षा जगत और उद्योग को बातचीत करने का अवसर मिला। ईएफएक्स इंडिया 2026 के ऑफिशियल स्पॉन्सर गेल और द वेल्डिंग इंस्टीट्यूट (TWI) इंडिया हैं, जिससे स्टूडेंट्स को उद्योग के साथ संपर्क और प्रायोगिक अनुभव बढ़ाने का मौका मिला।
ईएफएक्स इंडिया 2026 इनोवेशन, समावेशन और अनुभवात्मक लर्निंग बढ़ाने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य शिक्षा जगत और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग सुनिश्चित करना और भविष्य के इंजीनियरों को बढ़ावा देना है, ताकि भारत इंजीनियरिंग डिज़ाइन और इनोवेशन का वैश्विक केन्द्र बन सके।
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